Sunday, 20 December 2015

Exclusive Report : How ‘Dilwale’ took initial lead over ‘Bajirao Mastani’ at BOX OFFICE

जानिएः ‘बाजीराव मस्तानी’ अच्छी पर पैसा ‘दिलवाले’ ज्यादा कमा रही है, कैसे?

एक ही दिन बाक्स आफिस पर रिलीज हुई रोहित शेट्टी की फिल्म ‘दिलवाले’ और संजय लीला भंसाली की ‘बाजीराव मस्तानी’ भले ही एक दूसरे से काफी अलग तरह की फिल्में हों लेकिन बाक्स आफिस पर दोनों ही दर्शकों को खींचने में सफल रही हैं। ‘दिलवाले’ ने बड़ी स्टार कास्ट व आक्रामक मार्किटिंग से पैसा कमाने का सिलसिला शुरू किया है लेकिन फिल्म लोगों को पंसद नहीं आ रही है। मीडिया ने भी ‘बाजीराव मस्तानी’ की दिल खोलकर तारीफ की है और देखने वाले भी अपने पैसे वसूल पा रहे हैं।
‘दिलवाले’ : ज्यादा स्क्रीन, ज्यादा बिजनेस
‘दिलवाले’ ने पहले दो दिन में 21-21 करोड़ का बिजनेस किया है जबकि ‘बाजीराव मस्तानी’ ने पहले दिन 12 व दूसरे दिन 14.5 करोड़ का। साफ है शाहरुख खान व काजोल की टीम पहले झटके में ही दर्शकों को अपनी ओर खींचने में सफल रही है, लेकिन बाक्स आफिस की नब्ज जानने वालों का कहना है कि ‘बाजीराव मस्तानी’ ने दूसरे दिन 15 से 2 0 प्रतिशत की जो उछाल पाई है वो शुभं संकेत है कि फिल्म लोगों को पसंद आ रही है। जिन लोगों को स्टार्स के नाम पर फिल्में देखना पसंद है वे ‘दिलवाले’ को जरूर देखेंगे लेकिन धीरे-धीरे ‘बाजीराव मस्तानी’ पकड़ बना रही है। मीडिया के माध्यम से मिले शानदार रिव्यू भी भंसाली की फिल्म को बूस्ट कर रहे हैं।


दिल्लीः 'दिलवाले' बन रही दूसरी पसंद
रविवार को दोनों ही फिल्मों के दिल्ली में ज्यादातर शो फुल रहे। नई दिल्ली के प्रमुख इलाके कनाट प्लेस में मौजूद पीवीआर प्लाजा में दोपहर के दोनों शो में ‘बाजीराव मस्तानी’ हाउस फुल थी जबकि ‘दिलवाले’ के टिकट मिल रहे थे। इसके बावजूद भी ‘दिलवाले’ के टिकट लोग ठुकरा रहे थे। कुछ संडे मनाने निकले थे तो ‘दिलवाले’ ही देख रहे थे। ये संकेत हैं कि ‘दिलवाले’ सेकेंड च्वाइस बन रही है। यानी ‘बाजीराव मस्तानी’ के टिकट नहीं मिले तो चलो ‘दिलवाले’ ही देख लेते हैं। फिल्म तो देखनी ही है। संभवतः ये दोनों ही फिल्में अलग-अलग रिलीज हुई होती तो बिजनेस के आंकड़े कुछ और ही होते। बहरहाल प्रतिस्पर्धा बिजनेस व मार्किटिंग की नहीं बल्कि कभी-कभी अच्छी व बुरी फिल्म की भी होनी चाहिए। वैसे एक बात बहुत सही है। दोनों ही फिल्मों के प्रोड्यूसर जो बिजनेस के आंकड़े दे रहे हैं वो बिल्कुल सही हैं। कुछ भी बढ़ा चढ़ाकर नहीं बताया जा रहा है।

मार्किटिंगः पीवीआर में ‘बाजीराव मस्तानी’ का शो, पॉपकार्न आफर कर रहे शाहरुख-काजोल
‘दिलवाले’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ के बिजनेस में जो फर्क महसूस हो रहा है वो कुछ इस तरह से भी समझा जाना चाहिए। ‘दिलवाले’ के पास पूरे देश में 3200 से ज्यादा स्क्रीन है और ‘बाजीराव मस्तानी’ के पास 3050 स्क्रीन। इसके अलावा नंबर आफ शो भी ‘दिलवाले’ के ज्यादा हैं। नई दिल्ली की बात करें तो दोपहर में 12 से 3 के प्राइम टाइम में ‘दिलवाले’ के शो ‘बाजीराव मस्तानी’ से तीन गुने हैं। यानी इस टाइम में अगर आप को ये फिल्म देखनी है तो आपके लिए एक या दो शो हैं जबकि ‘दिलवाले’ के पास 3 से 5 शो हैं। इसके अलावा दिल्ली रीजन में सबसे ज्यादा स्क्रीन रखने वाली पीवीआर सिनेमाज की सीरीज दिलवाले को पूरी तरह से प्रमोट कर रही है। यदि आप दिल्ली के किसी पीवीआर में ‘बाजीराव मस्तानी’ देख रहे हैं तो आपको फिल्म शुरू होने से पहले शाहरुख व काजोल ये कहते नजर आएंगे कि आप ‘दिलवाले’ जरूर देखें। इंटरवल में भी शाहरुख व काजोल आपको ये याद दिलाने आएंगे कि बाहर जाकर आप पॉपकार्न तो खा लें। साफ है कि ‘दिलवाले’ की मार्किटिंग बहुत ही स्ट्रांग है।


रिलीज के बाद भी मार्किटिंग के लिए किंग खान खुद मैदान में
शाहरुख खान फिल्म के रिलीज हो जाने के बाद भी खुद प्रमोशन में लगे हुए हैं जबकि ‘बाजीराव मस्तानी’ की फिल्म प्रमोशन बंद कर चुकी है। शाहरुख ‘बिग बास’ जैसे शो में शनिवार व रविवार, दोनों दिन नजर आए। हालांकि कई बार महंगी प्रमोशन नुकसान भी दे जाती है लेकिन शाहरुख फिल्मों के भारी प्रमोशन के लिए माने जाते हैं। उन्होंने पिछली बार ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के लिए दो-दो दिन कपिल के कॉमेडी शो में दिए थे जो किसी फिल्मकार ने आज तक नहीं किया। खुद सलमान खान ने एक बार शाहरुख से कहा था कि फिल्मों के प्रमोशन पर इतना पैसा खर्च मत करो लेकिन शाहरुख नहीं माने और यही वजह है कि उनकी ‘हैप्पी न्यू ईयर’ तमाम आलोचनाओं के बावजूद 200 करोड़ क्लब में पहुंचने में सफल रही थी।


मुंबई के प्रेस शो में दिखा दोनों के बीच कंपीटिशन, एक ही समय थे दोनों के शो
हालांकि ‘दिलवाले’ और ‘बाजीराव मस्तानी’, दोनों ही फिल्मों के निर्माता किसी भी प्रकार के कंपीटिशन से इंकार कर रहे हैं लेकिन फिर भी दोनों के बीच होड़ पहले दिन से ही लगी है। कभी ‘देवदास’ में साथ-साथ काम कर चुके भंसाली व शाहरुख के बीच ये टकराव कितना दिलचस्प है इसका अनुमान दोनों के ही वीरवार को मुंबई में हुए प्रेस शो पर नजर आया। मुंबई के मेरे एक पत्रकार दोस्त ने ये दोनों ही शो अटेंड किए और बताया कि ‘बाजीराव मस्तानी’ का शो अंधेरी के फन सिनेमाज में रखा गया था और समय दिया गया था शाम के 6 बजे का। जबकि ‘दिलवाले’ ने भी तुरंत इसके बाद का शो रख दिया। हालांकि ‘दिलवाले’ का शो पास में ही मौजूद इनफिनिटी मॉल के पीवीआर सिनेमाज में था लेकिन मीडिया वालों के पास वहां पहुंचने का समय बहुत कम था। ‘बाजीराव मस्तानी’ देरी से शुरू हुई और देरी से ही खत्म हुई। फिल्म 9.30 खत्म हुई और इसके बाद मीडिया के लोग ‘दिलवाले’ पहुंचे। मेरे साथी पत्रकार ने बताया कि ये सही नहीं था। ‘दिलवाले’ की टीम ने जानबूझकर ऐसा किया जबकि वे जानते थे कि ‘बाजीराव मस्तानी’ ढाई घंटे से भी लंबी फिल्म है। इसके बाद भी मीडियाकर्मियों ने ‘बाजीराव मस्तानी’ का पूरा आनंद उठाया और उसके बाद ही ‘दिलवाले’ के लिए उठे। इस वजह से ‘दिलवाले’ का शो भी देरी से 10 बजे के बाद ही शुरू हुआ। ये साबित करता है कि दोनों फिल्में किस तरह कंपीटिशन के मूड में हैं।

पते की बातः
बहरहाल दोनों ही फिल्मों के पास लंबा समय है क्योंकि अगले हफ्ते भी कोई बड़ी फिल्म नहीं है इसलिए पैसा रिकवर करने के लिए दोनों ही भरपूर जोर आजमाइश कर सकते हैं। दर्शक तो वही फिल्म देखेंगे जो उन्हें अच्छी लगेगी।
- हर्ष कुमार


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