Thursday, 2 August 2018

Deep PreVIEW : Paltan

'बॉर्डर' का मोह नहीं छो़ड़ पा रहे हैं दत्ता साहब 
 जेपी दत्ता को 'बॉर्डर' (1997) का हैंगओवर हो गया है। उनके कैरियर की इस सबसे हिट फिल्म ने उन पर इस कदर अपनी छाप छोड़ दी है कि वे इससे बाहर शायद कभी नहीं निकल पाएंगे। 'बॉर्डर' के बाद दत्ता साहब ने 'एलओसी-कारगिल' भी बनाई थी जो बुरी तरह से फेल रही थी। उसकी स्टार कास्ट व स्केल किसी भी तरह से 'बॉर्डर' से कम नहीं था लेकिन फिल्म फेल रही थी।
 
एकदम झटका लगने के बाद दत्ता साहब ने आफबीट जाते हुए अपने मिजाज से हटकर 'उमराव जान' (2006) भी बनाई। इसमें ऐश्वर्या राय व अभिषेक बच्चन थे लेकिन फिल्म चली नहीं। हां इस फिल्म के दौरान दोनों के बीच प्यार पनपा और वे जीवनसाथी जरूर बन गए।

अब जेपी दत्ता लगभग 12 साल बाद एक फिल्म लेकर आए हैं - 'पलटन'। जैसा कि नाम से जाहिर है यह फिल्म भी युद्ध की बैकग्राउंड पर ही आधारित है। 2 अगस्त को 'पलटन' का ट्रेलर रिलीज किया गया और फिल्म 7 सितंबर को रिलीज हो रही है। फिल्म में वैसे तो सितारों की भरमार है लेकिन पापुलर स्टार केवल अर्जुन रामपाल, जैकी श्रॉफ व सोनू सूद ही हैं। बाकी गुरमीत चौधरी, हर्षवर्धन राणे, रोहित राय, सिद्धांत कपूर (शक्ति कपूर का बेटा) लव सिन्हा (शत्रुघ्न सिन्हा का बेटा) आदि हैं। इन सबको मैं पहचानता नहीं और फिल्म के ट्रेलर में सभी आर्मी की वेशभूषा में एक जैसे ही नजर आ रहे हैं।

see trailer of 'PALTAN'
 

3 मिनट 11 सेकेंड लंबे इस ट्रेलर में दिखाया गया है कि 1962 में भारत चीन से युद्ध हार गया। बाद में 5 साल बाद नाथूला इलाके में एक जमीन के टुकड़े को लेकर भारत व चीन की सेनाएं भिड़ी थी। इसी सच्ची घटना को लेकर यह फिल्म बनाई गई है। इस ट्रेलर में केवल यही दिखाया गया है कि घटना के दौरान फौजियों के बीच क्या हुआ। कैसे एक दूसरे से भिड़े, कैसे पथराव हुआ, कैसे गोलियां चलीं आदि-आदि।
लव सिन्हा
इसे देखने के बाद फिल्म की मूल कहानी का अंदाज तो हो जाता है लेकिन यह पता नहीं चलता कि इसमें इस युद्ध के अलावा क्या दिखाया गया है? हिरोईनों की झलक एक-एक सेकेंड के लिए दिखाई गई। उनके सीन देखकर लगा कि जिस तरह से फौजी 'बॉर्डर' फिल्म में अपनी पत्नियों व प्रेमिकाओं को छोड़कर आए थे उसी तरह यहां भी हुआ है। हिरोईनों को मैं पहचान ही नहीं पाया। इंटरनेट पर तलाशा तो पता चला कि इसमें सोनल चौहान, मोनिका गिल, एशा गुप्ता आदि हिरोईनें हैं। वैसे अर्जुन व जैकी की बाक्स आफिस पर क्या हैसियत है आज के दौर में यह सब जानते हैं। ट्रेलर से इसके गीत-संगीत का कोई आइडिया नहीं होता। इसमें पता नहीं कोई गीत भी है या नहीं। जबकि 'बॉर्डर' का सबसे सशक्त पहलू उसका संगीत ही था। फिल्म चूंकि 1967 के कालखंड पर आधारित है इसलिए मुझे नहीं लगता कि इसमें ज्यादा प्रयोग दत्ता साहब कर पाए होंगे। फिल्म में कितने इमोशंस जेपी साहब जगा पाते हैं इसी पर सारा दारोमदार टिका है इस फिल्म का। ट्रेलर को देखकर तो ज्यादा उम्मीदें नहीं जग रही हैं।
ट्रेलर लांच पर पूरी फिल्म की स्टारकास्ट।
 फिल्म 7 सितंबर 2018 को रिलीज हो रही है। 

- हर्ष कुमार सिंह

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